Sunday, August 14, 2011

माँ

माँ करुणा है ममता है , माँ साक्षात् स्नेह की प्रतिमा है 
 माँ सहारा है किनारा है , माँ का आँचल अनमोल छाया है 
 माँ देवी है प्रार्थना है माँ शक्ति है भावना है
  माँ गीत है लोरी है माँ सखी है सहेली है
  माँ त्याग है तपस्या है माँ पूजा का थाल है 
 माँ जीवन की नाव है पतवार है माँ साक्षात् अवतार है
  माँ महान है वरदान है माँ का पुत्र खुद भगवान् है 
 माँ सपना है संसार है माँ के सिवा न दूसरा कोई जहान है
  फिर भी माँ अकेली है लाचार है असहाय है बीमार है
 ये कितना बड़ा सवाल है फिर भी माँ का ह्रदय विशाल है
 हर गम हर आंसू में भी तेरे लिए दुआ का नाम है
माँ माँ है माँ की ना उपमा है ना कोई उपमान है
माँ का इस जहान में सबसे बड़ा स्थान है
 इसलिए माँ को कभी मत दुखाना नहीं तो नरक निदान है ..........................dharmendra

No comments:

Post a Comment